Antervasna Stories

जम कर की भाभी की चुदाई – Bhabi Ke Chodai

मस्कार मेरा नाम प्रथम सोनी है, मैं जमशेदपुर का रहने वाला हूँ मैं हैदराबाद में रहकर DBA कर रहा हूँ। यह स्टोरी पिछले महीने मेरे बर्थडे के बाद की है। मैं अपने बर्थडे से कुछ दिन पहले ही हैदराबाद से जमशेदपुर वापस आया था। सब

चंदू की चाची की चुत की चुदाई | Antarvasna com in

उस दिन मैं घर से तैयार होकर स्कूल के लिए निकला तो दिन ही खराब था। घर से निकलते ही मेरी साइकिल की टक्कर पड़ोस की एक सबसे ज्यादा लड़ाकू औरत से हो गई। चंपा नाम था उसका। उम्र यही को चालीस के आस पास

शिल्पा की वर्जिन गांड मारी – Antervasnakhani – Hindi Anatervasna

हाई दोस्तों मेरा नाम सारिक हे और मैं दिल्ली से हूँ. मेरी हाईट 5 फिट 8 इंच हे और मैं गोरा हूँ. मैं स्मार्ट हूँ और मेरे लोडे का साइज़ 8 इंच हे. ये कहानी आज से 8 महीने पहले की हे और तब दिल्ली

बॉयफ्रेंड ने मेरी जबरदस्त चुदाई की | Antervasnastories | Kamukta Sex Kahani

मेरा नाम पिंकी सिंह है, मेरी हाइट भी ठीक है और मैं भी जवानी के दौर में हूँ। मैं गाँव में रही हूँ लेकिन मेरे घर वाले शहर में रहने लगे क्यूंकि हम लोगों का घर शहर में हमारे पापा जी ने ख़रीदा और हम

सुमन ने जन्मदिन पर चूत चुदवाई – Antervasna Sex Story

नमस्कार मेरा नाम अखिलेश चौहान है। मैं लुधियाना का रहने वाला हूँ। मेरा कद-5 फुट 2 इंच है। मेरे लण्ड का साइज साढ़े 6 इंच है। मैं आपको अपनी पहली कहानी सुना रहा हूँ। जब मैंने अन्तर्वासना की कई कहानियाँ पढ़ीं.. तो मेरा भी मन

दिशा की ठुकाई हिंदी सेक्स स्टोरी – Disha Ki Chudai – Antervasna Stories – Hindi Sex Story

Antervasna Stories, hindi sex story: मैं कुछ दिनों के लिए अपने काम के सिलसिले में अहमदाबाद गया हुआ था कुछ दिनों तक मुझे अहमदाबाद में ही रहना था उसके बाद मैं वापस जयपुर लौट आया। जब मैं जयपुर लौटा तो मेरे पापा और मम्मी ने

पड़ोसन आंटी को रात भर चोदा – Padosan Aunti Ki Chudai Sex Story Hindi

हाय दोस्तों कैसे हैं आप लोग यह कहानी हमें पिंटू ने भेजी है वह बताते हैं कि उन्होंने अपने पड़ोस में एक 42 वर्ष की पड़ोसन आंटी को रात भर चोदा तसल्ली से और रात भर उनके साथ मनमर्जी का संभोग किया और उस आंटी

बॉयफ्रेंड से मेरी चुदाई की कहानी – Best Hindi Kamukta Kahani

मेरा नाम पल्लवी है। मेरी उम्र 23 साल है। मैं परियो की तरह बहुत ही खूबसूरत हूँ। मेरा कद भी लंबा है। मैं 5 फीट 8 इंच की हूँ जो की लड़कियों की के लिए काफी है। मैं जब चलती हूँ तो मेरे बड़े बड़े मम्मे बहुत ही तेजी से उछल उछल कर लड़कों का लंड खड़ा कराये रहते है। मैं भी एक लड़की हूँ। मेरा भी  मन चुदने को बहुत करता था। लेकिन मैं अपने आस पास के लड़को से नहीं चुदवाती। चोदने के बाद वही रंडी और पता नहीं क्या शुभ शुभ नाम रखने लगते है। मेरी  गांड भी बहुत जबरदस्त गोल मटोल दिखती है। चूंचियो की तरह वो भी बहुत ही सॉफ्ट है। मेरी चूत की तो बात ही अलग है। वो भी फूली हुई गद्दे की तरह है। ढेर सारा माल उसमें उसमे भरा हैं।  दोस्तों मै अब अपनी कहानी पर आती हूँ। बात एक साल पहले की है। मैं अपनी कहानी आप लोगो की खिदमद में पेश करने को परेशान थी। ये मेरे साथ घटित सच्ची घटना है। जो की एक सफर के दौरान घटित हुई। मै उस समय तैयारी करने कानपुर जा रही थी। छुट्टियां थी तो मैं अपने घर देवरिया आयी हुई थीं। मै ट्रेन में सिंगल शीट पर बैठी हुई थी।खिड़कियों से आती हवाओ का मजा ले रही थी। मुझे बहुत ही मजा आ रहा था। चुदने का भी मन उन हवाओ ने बना डाला। इतने सुहाने मौसम में अब मुझे अपने चूत के राजकुमार का इंतजार होंने लगा। मै चुदने को तड़पने लगी। मेरी चूत के कीड़े जाग गये। वो काट काट कर खुजली करने लगे। मै कहने लगी- “हे भगवान मेरे लिए भी किसी लंड का इंतजाम कर दो” भगवान ने मेरी सुन भी ली। यही सब मै सोच कर मन ही मन कह ही रही थी कि अगला स्टेशन आ गया। मै स्टेशन की तरफ देख रही थी। मुझे एक लगभग 25 साल का लड़का मेरे ही डिब्बे की तरफ बढ़ता दिखाई दिया। उसका लंबा शरीर और गठीला बदन बहुत ही आकर्षक लग रहा था। मैं पहली बार सुंदरता के साथ किसी लड़के को इस तरह देख रही थी। मैने उसके लिए तो अपनी जान रख दी। वो अंदर की तरफ शीट को ढूंढता हुआ आ रहा था। मेरे सामने वाली शीट खाली थी। उसकी पर आकर वो बैठ गया। मै अपने कान में एअरफोंन लगाए गाने का मजा ले रही थी। वो भी अपनी गांड को शीट पर टिकाकर बैठ गया। मेरी तो उस लड़के से नजर ही नहीं हट रही थी। उसने भी अपना सामान रख कर फुरसत पाई तो उसकी नजर मुझ पर पड़ ही गई। हम दोनो नैंन मटक्का करने लगे। मै भी कोई कम स्मार्ट थोड़ी थी। कुछ देर बाद हमने बोलना शुरू किया। मै- “हाय आई ऍम पल्लवी” वो- “निशांत…. निशांत मिश्रा” मुझे उसके इस तरह से बोलने की स्टाइल बहुत अच्छी लगी। मै- “आप को भी कानपुर जाना है क्या” निशांत- “हॉ। मुझे भी वही अपनी बुआ के यहाँ जाना है। कुछ दोस्त सरकारी नौकरी की भी करते है, तो उनसे मिलने भी जाना है” मै- “आप क्या करते हो???” निशांत- “मैं भी मेडिकल की तैयारी कर रहा हूँ लेकिन खुद ही। कही कोचिंग के लिए नहीं गया” धीरे धीरे उससे बात करते करते मैंने उसके लंड की तरफ अपनी नजर नीचे करके देखी। उसका लंड खड़ा हो चुका था। उसने देखते ही अपना बैग लंड पर पेंट के उपर रख लिया। मैंने उसका प्रेसर बढ़ाने के लिए अपना दुपट्टा अपने सीने से हटा दिया। मै झुक कर उससे बात करने लगी। मेरी लटकती चूंचिया  मेरे वी शेप गले में साफ़ साफ़ दिखने लगी। उसका लंड तो देखते ही मीनार बन गया । निशांत थोड़ा रोमांटिक होकर बात करने के मूड में आने लगा। अपना बैगअपनी शीट पर रख कर हम दोनो दरवाजे के पावदान पर जाकर बैठ गए। आप लोगो को तो पता ही होगा। पावदान पर कितनी जगह होती है। हम दोनों चिपक कर बैठे हुए थे। ट्रेन सरपट सरपट पटरियों पर दौड़ रही थी। उसके शरीर के स्पर्श से ही मुझे बहुत मजा आ रहा था। आज जिंदगी में पहली बार किसी लड़के के इतनी पास चिपक कर बैठी थी। आज मुझे ईश्वर ने लंड के साथ उसका ड्राइवर भी दे दिया। निशांत- “कानपुर में अकेली ही रहती हो” मैं- “हाँ” निशांत शक भरी नजरों से- “फिर तो तुम्हारा बॉयफ्रेंड होगा” मै- “नहीं मेरा कोई बॉयफ्रेंड नहीं है। मैंने आज तक किसी लड़के से बात तक नही की है” निशांत- “ये तो सभी कहती है” मै- “तुमको मै ऐसी वैसी लड़की दिखती हूँ” इतना कहकर मै गुस्से से उठकर चलने लगी। निशांत ने मुझे पकड़ कर बैठा लिया। उसके बाद मेरे कंधे पर अपना एक हाथ रख कर एक हाथ मेरा पकड़ कर। मुझे अपने दिल का हाल बताने लगा। कहने लगा- “लडकियां तो बहुत देखी। लेकिन तुम्हे देखकर दिल में हलचल होने लगी। अभी तक मुझे लड़कियां प्रपोज़ करती थी। लेकिन आज पहली बार मैं किसी लड़की को प्रपोज़ करने जा रहा हूँ” मै मन ही मन बहुत खुश हो रही थी। आज मेरा कोई बॉयफ्रेंड भी बनने वाला था। मैं ख़ुशी से झूम उठी।  उसने फ़िल्मी स्टाइल में मेरे हाथों को पकड़ कर कहने लगा- “पल्लवी मै तुम्हेदेखते ही बहुत चाहनें लगा हूँ। मै तुमसे बहुत प्यार करने लगा हूँ। क्या तुम मुझे अपना बॉयफ्रेंड बनाओगी???” मै- “सच तो ये भी हैं कि मैं भी कुछ इसी तरह का ख्याल अपने दिल में रखे हूँ। जो आग तुम्हारे दिल में लगी है। वो मेरे दिल में भी है” उसने समझ लिया की मैने उसे अपना बॉयफ्रेंड बना लिया है। लेकिन अब कौन बताये की आग कहाँ कहाँ लगी हुई है। उसने मुझे गाल पर किस किया। मुझे बहुत अच्छा लगा। मैंने भी तुरंत जबाब दे डाला। मैंने भी किस करके पूरा कर दिया। उसने कहा-” मै तुम्हे मिलना चाहता हूं”  मैनें अपना पता उसे बता दिया मै कहाँ रहती हूँ। वो भी मुझे अपना फ़ोन नम्बर वगैरह बताने लगा। उसने पूछा- “मै तुम्हारे रूम पर आऊं तो कोई कुछ बोलेगा तो नहीं” मै- “बता दूँगी की भैया है” इतना कहकर मै हँसने लगी… वो मुझे चिपका कर होंठ पर किस करने लगा। मै भी उसका साथ दे रही थी। कुछ ही पल में पीछे कोई आ गया। दोनों लोग एक दुसरे को देखकर हसते हुए अलग हुए। बाद में मौक़ा मिलते ही वो एक मिनट कभी दो मिनट किस करते करते पूरा रास्ता कट गया। चलते चलते निशांत ने मेरे मम्मो को दबा ही दिया। मम्मो को दबाते ही गाडी ने  आवाज की और स्टेशन आ गया। हम दोनो को अधूरी चुदाई की प्यास बहुत ही तड़पा रही थी। स्टेशन से नीचे आते ही दूसरे दी मिलने का वादा किया। मैंने अपने कोचिंग जाने से मना भी कर दिया था। मैं तुम्हारा पूरा दिन इन्तजार करूंगा।  इतनी बात करके वो अपनी बुआ के घर चल दिया। मै भी अपने रूम पर आई। रात को नींद ही नहीं आ रही थी। मैंने अपने सारे कपडे भी उतारे दिये। सोच सोच करके अपनी चूंचियो को मसल रही थी। मै बहुत ही गर्म हो चुकी थी। पहले सब्जियों से ही चुदाई कर लेती थी। आज भी टोकरी में जाकर देखा तो सूखा सूखा बैगन पड़ा था। आज हाथ से ही काम चलाना पड़ रहा था। मैंने किसी तरह से रात भर हाथ से काम चलाकर अपनी रात काटी। सुबह से मेरी बेचैनी और भी बढ़ने लगी। पूरा दिन भी बीत गया। निशांत नहीं आया। मेरे सारे सपनो पर लग रहा था पानी फिर जाएगा। मै दुखी होकर बैठ गई। आज कितना मेक अप किया था मैंने। लेकिन मेरे सपनों के राजकुमार का तो पता ही नहीं था। मैंने बाहर जाकर एक बार फिर से देखा तो निशांत मुझे पास ही गली में खड़ा दिखाई दिया। मै तो ख़ुशी से पागल हो गई। मैंने उसे अपने साथ लाकर रूम में अंदर आते ही दरवाजा बंद किया। उससे चिपक कर मैं किस करने लगी। मै- “निशांत!! इतना देर क्यों करके आये। पता है मैं सुबह से ही तुम्हारा इन्तजार कर रही हूँ। तुम थे कहाँ अभी तक” निशांत- “मेरी जान मै तुम्हारे लिए ही तो रात में आया हूँ। जिससे ज्यादा देर तक मैं तुम्हारे साथ रह सकूं” मै- “आज तुम मेरे साथ पूरी रात रहोगे??”

महेश ने आखिर ले ही लिया अनल सेक्स का मज़ा

काजल को अपनी गर्लफ्रेंड बना के महेश को बहुत ही प्राउड फील हो रहा था. उसे लगता था का उसने किसी हूर को पता लिया है. जब की ग्राउंड रियलिटी यह थी की काजल इस से पहले बहुत बार चुत चुदाई और अनल सेक्स कर

प्यासी बीवी ठरकी नौकर

दोस्तो, मैं हूँ हनी. मैं एक पंजाबन हूँ मेरा शहर अमृतसर है, मेरी उम्र है अठाईस साल। मैं एक बच्ची की माँ भी हूँ, मैंने बी.सी.ए के बाद दो साल की एम.एस.सी-आई टी की, मैं बहुत चुदक्कड़ औरत हूँ, स्कूल के दिनों से मैंने चुदाई