बस सेक्स कहानी में मैं स्लीपर बस में था. मेरे साथ वाली सीट पर एक सुंदर गदरायी भाभी आ गयी. मैंने उसका हाथ पकड़ कर उसे सीट पर लिया.
फ्रेंड्स, मेरा नाम राजू है.
मैं एक मध्यमवर्गीय परिवार से हूँ और लखनऊ में रहता हूँ.
मेरी उम्र 35 साल है.
लंबाई लगभग 5 फीट पांच इंच है और रंग एकदम साफ़ है.
मेरे लंड की लंबाई करीब 6 इंच है.
मैं एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता हूँ.
मेरी शादी हो चुकी है, दो बच्चे हैं और मेरी शादी को दस साल हो गए हैं.
मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ.
मुझे अन्तर्वासना की कहानियां बेहद पसंद हैं.
इसलिए सोचा कि मैं भी अपनी एक सच्ची घटना आप लोगों के साथ साझा करूँ.
ये मेरी पहली सेक्स कहानी है.
Xxx बस सेक्स कहानी में अगर कहीं लिखने में कोई गलती हो जाए तो मुझे माफ़ करना.
ये घटना उस समय की है जब मैं अपने रिश्तेदार की शादी में दिल्ली गया था.
वहां खूब मजे किए.
मैं वापस लखनऊ लौट रहा था लेकिन ट्रेन कैंसिल होने की वजह से बस से आना पड़ा.
मैंने एक प्राइवेट स्लीपर वाली बस में अपने लिए एक स्लीपर बर्थ बुक कर ली.
उस बर्थ में दो व्यक्तियों के लेटने की जगह थी.
मैंने बस में आकर कंडक्टर से कहा कि मुझे अकेले आदमी के लेटने वाली बर्थ दे दो.
वह बोला- अभी कोई ऐसा आएगा जो दो आदमी एक ही बर्थ पर लेटने की बात करेगा, तो उससे बदल दूंगा.
मैंने कुछ नहीं कहा.
कुछ देर बाद बस चलने वाली थी कि एक महिला अन्दर आई और सीधे मेरी वाली ही बर्थ के पास आकर खड़ी हो गई.
मैंने उसे देखा और सोचने लगा कि अच्छा हुआ कि कंडक्टर ने मेरी बर्थ किसी से बदली नहीं है. यदि यह भाभी मेरे साथ लेटने को राजी हो गई तो मजा आ जाएगा. भले चोदने न मिले तो भी सोते समय इसका स्पर्श सुख ही मिल जाएगा.
कुछ देर बाद वह मेरी तरफ देखने लगी.
मैं भी उसकी तरफ सवालिया नजरों से देखने लगा.
महिला मुस्कुराती हुई बोली- एक्सक्यूज़ मी … क्या ये सीट खाली है?
मैं- हां जी, ये सीट खाली है.
वह बोली- दरअसल मैंने बर्थ बुक की थी मगर मुझे मालूम नहीं है कि मेरी कौन सी बर्थ है! अभी कंडक्टर आएगा तो उससे पूछ लूंगी.
मैंने कहा- हां ठीक है न … आप ऊपर आ जाइए.
वह मेरी तरफ हाथ बढ़ाती हुई बोली- मेरी मदद करो, तब तो मैं ऊपर चढ़ पाऊंगी!
मैंने हाथ बढ़ाया तो वह बर्थ पर चढ़ने की कोशिश करने लगी.
मैंने उसे चढ़ाने की कोशिश करते हुए उसकी गांड पर हाथ लगाया और उसे ऊपर खींच लिया.
उसने मुस्कुरा कर मुझे देखा और बोली- मैं भारी लगी क्या?
मैंने हंस कर कहा- नहीं तो … क्यों?
वह अर्थपूर्ण अंदाज में बोली- नहीं वैसे ही पूछा. आप क्या जिम करते हो?
मैंने हंस कर कहा- अच्छा इसलिए पूछ रही हैं आप .. हां मैं जिम करता हूँ!
अब वह मेरे पास आकर आराम से पैर पसार कर बैठ गई.
थोड़ी देर बाद उसने अपना परिचय दिया.
उसका नाम शालिनी था. शादी को 15 साल हो चुके थे, तीन बच्चे थे, लेकिन उसके शरीर को देखकर किसी को भी यकीन नहीं होता कि उसके तीन बच्चे हैं.
उसका मायका दिल्ली में था और ससुराल लखनऊ के पास.
वह अकेली ही अपने मायके से ससुराल जा रही थी.
उसकी उम्र लगभग 38 साल के आसपास होगी पर दिखती इतनी कम थी कि कोई कह भी नहीं सकता था कि ये तीन बच्चों की मां होगी.
उसका रंग बहुत साफ़ था और फिगर 38-32-40 का बड़ा ही जबरदस्त था.
उसने खुले गले का ब्लाउज़ पहना हुआ था और गुलाबी रंग की साड़ी पहनी थी. कसम से … एकदम माल लग रही थी
जब वह ऊपर चढ़ रही थी, तो मैंने उसके मम्मों को बहुत करीब से देखा था और सूंघा भी था.
मस्त महक आ रही थी.
कुछ देर बाद वह मेरे बहुत करीब हो गई. उसके बदन से एक अजीब-सी खुशबू आ रही थी, जो बार-बार मेरा ध्यान अपनी ओर खींच रही थी.
करीब दस मिनट बाद बस चल दी.
उस बर्थ पर हम दोनों ही बैठे थे और बात करने की कोशिश कर रहे थे.
पहले पहल तो वह सिर्फ मुझसे बार बार यह कह रही थी कि आपको दिक्कत तो नहीं हो रही है न!
मैं कह देता कि नहीं मैडम यह बर्थ दो लोगों के लिए ही है. हम दोनों इस बर्थ पर आराम से लेट सकते हैं.
थोड़ी देर बाद उसने मुझसे बात शुरू की.
हमने कुछ साधारण सी बातें कीं.
फिर उसे नींद आने लगी और वह मेरे ही पास सो गई.
वह मेरी तरफ अपनी गांड करके लेट गई. मेरी नज़र बार-बार उसकी गांड पर टिक जा रही थी.
मैं भी पर्दे डाल कर लेट गया लेकिन उसकी गांड देख-देखकर नींद कहां आ रही थी.
तभी वह नींद में ही अचानक से पलटी और उसका एक हाथ मेरे ऊपर आ गया.
वह आराम से सो रही थी.
थोड़ी ही देर में वह मेरे और करीब आ गई.
फिर धीरे-धीरे वह मेरे से पूरी तरह चिपकने लगी.
उसके गर्म बदन की मादक महक से मैं भी उत्तेजित होने लगा.
कुछ देर बाद मैंने भी नींद का नाटक करते हुए अपना हाथ उसके खुले पेट पर रख दिया.
उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं की.
मैंने धीरे-धीरे अपने हाथ से उसके पेट को सहलाना शुरू कर दिया.
वह फिर भी चुप रही, जिससे मेरी हिम्मत और बढ़ती जा रही थी
तभी मैंने अपनी एक टांग उसकी टांग के ऊपर रख दी, अपना मुँह उसके स्तनों के पास ले जाकर सोने का नाटक करने लगा.
फिर मैंने अपना मुँह उसके स्तनों से चिपका दिया.
कसम से … उसके स्तनों से चिपक कर अलग ही मजा आ रहा था.
तभी वह जाग गई लेकिन फिर उसने भी सोने का नाटक शुरू कर दिया.
अब वह भी मजे लेने लगी.
उसने मेरी हरकतें भांप ली थीं पर कुछ बोली नहीं क्योंकि उसके मन में भी पूरी हलचल मची हुई थी.
तभी उसने नींद का नाटक करते हुए मेरे माथे पर एक चुम्मा दे दिया.
फिर धीरे से अपना हाथ मेरे लंड के ऊपर ले जाकर सहलाने लगी.
इससे मुझे उसकी पूरी अनुमति का संकेत मिल गया.
मैंने फटाफट अपना लंड निकाल कर उसके हाथ में थमा दिया.
वह उसे हल्के-हल्के सहलाने लगी.
तभी मैंने उसके होंठों पर हल्का-सा किस कर लिया.
उसने भी अपनी आंखें खोल लीं और मुझे हल्के से आंख मार दी.
फिर हम दोनों जोर-शोर से किस करने लगे.
उसके होंठों से कुछ अलग ही स्वाद आ रहा था, जो मुझे उससे अलग होने ही नहीं दे रहा था.
तभी मैंने उसकी साड़ी का पल्लू हटाया और ब्लाउज़ के बटन खोल दिए.
उसने गुलाबी रंग की नेट वाली ब्रा पहन रखी थी.
उसके स्तन ब्रा से आज़ाद होने को बेकरार हो रहे थे.
मैंने ब्रा के ऊपर से ही उसके स्तनों को हल्के से दबाया.
फिर उसकी गर्दन और सीने पर किस करने लगा.
उसकी सिसकारियां निकलने लगीं.
वह पूरी तरह गर्म हो चुकी थी.
फिर मैंने उसके स्तनों के ऊपर से किस करना शुरू किया और हल्के-हल्के लव बाइट्स देने लगा.
तभी मैंने पीछे हाथ करके ब्रा का हुक खोल दिया.
ब्रा उतरते ही उसके दोनों स्तन पूरी तरह आज़ाद हो गए.
ब्रा को ऊपर हटा कर मैंने एक-एक करके उसके स्तनों को चूसना शुरू कर दिया.
उसके मुँह से ‘आह्ह्ह … उम्ह्ह्ह …’ जैसी आवाज़ें निकलने लगीं.
मैंने भाभी के दोनों स्तनों को चूसते-चूसते उसकी चूत में उंगली डालने की कोशिश की लेकिन साड़ी की वजह से हाथ नहीं पहुंच पा रहा था.
वह समझ गई. उसने अपनी साड़ी और पेटीकोट ऊपर करने में सहयोग दिया तो मैंने उसकी साड़ी और पेटीकोट को ऊपर कर दिया.
उसने अपनी चुत पर भी गुलाबी रंग की पैंटी पहन रखी थी.
बस में रोशनी बहुत हल्की थी इसलिए साफ़ नज़र नहीं आ रही थी.
तभी मैंने अपना फोन निकाल कर टॉर्च जलाई.
अब उसकी चूत साफ़ दिख रही थी.
भाभी ने नेट वाली पैंटी पहनी हुई थी.
जब मैंने पैंटी के ऊपर से उसकी चूत सहलाई तो पता चला कि उसकी चूत पूरी तरह पानी-पानी हो चुकी थी.
पैंटी भी पूरी गीली हो गई थी.
मैंने कहा- एकदम भीग गई है!
भाभी बोली- तुमने मुझे गर्म कर दिया है तो भीगेगी ही!
मैंने कहा- तो अब ठंडी कर दूँ?
भाभी हंस दी- ठंडी नहीं किया तो मैं मारूँगी.
यह सुनते ही मैंने उसकी पैंटी उतार कर उसे दे दी.
चुत को सहलाया तो अहसास हुआ कि उसकी चुत पर हल्के-हल्के बाल थे, जिससे उसकी चूत और भी मस्त लग रही थी.
मैंने हाथ से उसकी चूत फैलाई तो वह पूरी गीली हो रखी थी.
मैं अपनी उंगली उसकी चूत में डाल कर अन्दर-बाहर करने लगा. उसे बहुत मजा आ रहा था.
वह हल्के से मेरे कान में मादक आवाजों से शहद सा घोल रही थी.
शालिनी भाभी सिसकती हुई बोली- आह सही से करो न … बहुत मजा आ रहा है!
करीब दस मिनट तक चूत में उंगली करने के बाद मैंने दुबारा हाथ उसकी चूत पर रखा तो उसका पानी निकल रहा था.
उसके मुँह से ‘अहह … अह्ह्ह …’ की आवाज़ें निकलने लगीं.
तभी मैंने अपनी स्थिति बदली और अपना मुँह उसकी चूत पर रख कर चुत को चाटना शुरू कर दिया.
उसकी चूत के रस में से नमकीन स्वाद और एक अलग ही खुशबू आ रही थी.
मैंने जीभ से उसकी चूत का दाना चाटना शुरू किया.
इससे उसे डबल मजा आने लगा और वह चुत पसार कर पूरी तरह चूत चटवाने का आनन्द लेने लगी थी.
कुछ समय बाद फिर से उसका पानी निकल गया.
मैं सीधा होकर लेट गया.
कुछ मिनट बाद वह तड़पने लगी और मेरे कान में हल्के से बोली.
शालिनी भाभी बेसब्री से बोली- राजू … मेरी चूत में जल्दी से अपना लंड डाल दो ना … नहीं तो मैं मर जाऊंगी!
मैंने भाभी की मस्त मुलायम सी गांड को सहलाया और हल्के से थप्पड़ मारा.
भाभी की गांड बहुत चिकनी थी.
गांड सहलाने के बाद मैंने पोजीशन बनाई लेकिन जगह कम होने की वजह से सही से नहीं बन पा रही थी.
तभी मैंने उसके दोनों पैर अपने कंधों पर रखे और उसने मेरा लंड पकड़ कर अपनी चूत में लंड डाला.
मेरा पूरा लंड उसकी चूत को फाड़ते हुए जड़ तक अन्दर घुसता चला गया.
उसकी चीख निकलने ही वाली थी कि मैंने उसके होंठों को अपने होंठों से बंद कर दिया.
चीख उसके मुँह में ही रह गई.
अब मैंने धीरे-धीरे धक्के मारना शुरू कर दिए.
उसे भी अब Xxx बस सेक्स करने में खूब मजा आने लगा.
उसने दोनों हाथों से मुझे कसकर पकड़ रखा था और उसके मुँह से हल्के-हल्के ‘अहह … अह्ह्ह … ‘ की आवाज़ें निकल रही थीं.
करीब 15 मिनट बाद हमारा होने वाला था तो मैंने उससे पूछा.
मैं- कहां निकालूँ?
शालिनी भाभी हल्के से बोली- अन्दर ही छोड़ देना.
मैंने अपनी पूरी ताकत से उसे चोदा और माल को उसकी चुत के अन्दर ही छोड़ दिया.
झड़ने के बाद मैं थोड़ी देर उसके ऊपर ही लेटा रहा.
उस रात हम दोनों ने पूरी रात मजा लिया और 3 बार सेक्स किया.
मैंने उसे हचक कर चोदा और खूब मजा दिया. उसकी चुदाई की भूख मिटाई.
मेरी चुदाई से वह भी बहुत खुश थी.
फिर उसने मेरा नंबर लिया.
सुबह 11 बजे हम लखनऊ उतरे.
वह अपने घर की तरफ चली गई और मैं अपने घर आ गया.
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