chachi ki chudai ki kahani
chachi ki chudai ki kahani में मैं अपनी पड़ोस की जवान चाची को चोदना चाहता था. एक दिन मैंने उन्हें उनके जेठ से चुदती देख लिया. बस मेरा रास्ता साफ़ हो गया.मैं मुंगेर (बिहार) का रहने वाला 25 साल का लड़का हूँ.मैं आर्मी की तैयारी कर रहा हूँ. मेरा शरीर सुडौल है और रंग गोरा है.यह मेरी पहली सेक्स कहानी है और बिल्कुल सच्ची सेक्सी चाची की सेक्स कहानी है.मेरे घर के बगल में एक परिवार रहता है.पति का नाम राजेश, पत्नी का नाम सरिता, जिसकी उम्र 35 साल होगी, लेकिन दिखने में 25 साल से ज्यादा की नहीं लगती.उनके बच्चों के नाम क्रमश: गुरु और मिठू हैं.सरिता चाची का फिगर साइज 34 बी- 30-36 का है.उनका रंग एकदम गोरा है और नयन-नक्श किसी हीरोइन से कम नहीं हैं.मैं सुबह-शाम अपने घर की छत पर सिर्फ़ निक्कर पहन कर कसरत करता हूँ.सरिता चाची रोज़ सुबह कपड़े सुखाने अपनी छत पर आती थीं.उनसे रोज़ सामान्य बातचीत हो जाती थी.ज़रूरत पड़ने पर मां के कहने पर मैं उनके साथ बाज़ार भी चला जाता था.एक बार मम्मी ने सरिता चाची से कहा कि रोहन उनके बच्चों को पढ़ा दिया करेगा.वे राजी हो गईं.मैं अब रोज़ उनके घर जाता था और उनके बच्चों को मुफ़्त में पढ़ाता था.मैं अक्सर दरवाजे को बिना नॉक किए उनके रूम में घुस जाता था.उनके पति यानि राजेश चाचा बाहर जॉब करते हैं, वे सिर्फ़ रविवार को घर आते हैं.
सरिता चाची घर से लेडीज़ ब्रा, पैंटी, नाइटी बेचती हैं.मैं कई बार सरिता चाची को बाइक से पटना ले जाता था, जो मुंगेर से 170 किलोमीटर दूर है.क्योंकि वे अपने बुटीक का सामान वहां से ही लाती थीं.एक शाम बारिश हो रही थी.बच्चों को पढ़ाने जाते वक़्त मैं थोड़ा भीग गया था.सरिता चाची के कमरे से कुछ आवाज़ें आ रही थीं.मुझे लगा बच्चे रूम में हैं, इसलिए मैंने खिड़की खोलकर देखा.अन्दर कोई सरिता का ब्लाउज़ खोलकर उनके बूब्स चूस रहा था.मैं शांत होकर देखने लगा.वह आदमी सरिता चाची के पति का बड़ा भाई (रवि चाचा) थे.मैं उन्हें देख कर तुरंत वहां से हट गया.अब मुझे बार-बार सरिता चाची के बूब्स दिखाई देने लगे.उस दिन भीगने की वजह से मैंने बच्चों को नहीं पढ़ाया.मैंने बच्चों से चाची के बारे में पूछा तो मिठू बोला- मम्मी की तबीयत खराब है, वे रूम बंद करके सो गई हैं.मैं तुरंत घर आया और बाथरूम में जाकर सरिता चाची के नाम की मुठ मारी.फिर रात को सोने से पहले भी उनकी जवानी को सोचकर वापस मुठ मारी.अगले दिन से मैं सरिता चाची के करीब रहने की कोशिश करने लगा.रोज़ उनके रूम की खिड़की खोलकर देखने लगा.हर 2-3 दिन में मैं रवि चाचा को उनके रूम में देखता था.अब मैं देर तक बच्चों को पढ़ाने लगा ताकि मुझे सरिता चाची की चूत के दर्शन हो जाएं.एक बार सरिता चाची को मैंने नहाने के बाद नंगी निकलते भी देखा.मैं उस समय उनके पूरे जिस्म को दस मिनट तक नंगा देखता रहा.जब तक उन्होंने नाइटी नहीं पहन ली, मेरी भूखी निगाहें उनके नंगे जिस्म को आंखों से ही चोदती रहीं.जब से मैंने चाची को ताड़ना शुरू किया तो रोज़ ही कुछ न कुछ दिख जाता था.अब मेरे मन में सरिता चाची के लिए हवस जाग गई थी.उनकी छत पर जाकर मैं उनकी ब्रा-पैंटी सूँघने लगा.कभी-कभी उनकी ब्रा-पैंटी में मुठ मार देता था.एक हफ़्ते बाद सरिता चाची को किसी काम से भागलपुर जाना था.उन्होंने मम्मी से कहा- रोहन को बोलो, मुझे भागलपुर लेडीज़ डॉक्टर को दिखाने जाना है, वह साथ चला जाए.मैं तो खुद इसी मौके का इंतज़ार कर रहा था.मैं जानबूझ कर देर से निकला ताकि रात होटल में बितानी पड़े.रास्ते में भी मैं चाची से डबल मीनिंग बातें करने लगा.सरिता चाची बोलीं- अब तुम बड़े हो गए हो. तुम्हारी शादी के लिए लड़की देखनी होगी!मैंने कहा- आप अपनी बहन से टाँका फिट करवा दो!इसी तरह के हंसी-मज़ाक के साथ हम डॉक्टर के पास पहुंच गए.उस दिन पूरा चेकअप नहीं हुआ.सरिता चाची बोलीं- आज होटल में रुककर कल चलेंगे.होटल वाले ने एक रूम के लिए एक हज़ार रुपये मांगे.सरिता चाची बोलीं- एक रूम में ही सो जाएंगे, दो रूम का दो हज़ार लगेगा.होटल में हमने पति-पत्नी के तौर पर रजिस्टर किया ताकि रूम मिल जाए, वरना वे नहीं देते.रूम में आने के बाद सरिता चाची फ्रेश होने बाथरूम चली गईं.उनके बाद मैं भी फ्रेश हुआ.डिनर के बाद हम दोनों एक ही बिस्तर पर कोने में सो गए.मैं घर में सिर्फ़ चड्डी पहन कर सोता हूँ इसलिए मुझे नींद नहीं आ रही थी.सरिता चाची बोलीं- बारह बज गए, सो जाओ.
कल डॉक्टर के पास जल्दी जाना है.मैंने कहा- मैं घर में सिर्फ़ चड्डी में सोता हूँ.वे बोलीं- इसमें शर्म कैसी, मैं तुम्हारी चाची हूँ. चड्डी में सो जाओ.मैं सो गया.रात में कुछ हलचल हुई.मैंने आंख खोलकर देखा तो सरिता चाची मेरा लंड छू रही थीं.तो मैंने आंखें बंद करके मज़ा लेना शुरू किया.जब मेरी बर्दाश्त से बाहर हो गया तो देखा कि वे मेरा लंड चूस रही थीं.सरिता चाची ने देख लिया कि मैं जाग गया हूँ, तो वे हट गईं.मैं बाथरूम में जाकर मुठ मारकर सो गया.सुबह से सरिता चाची नज़रें झुकाकर रखने लगीं.डॉक्टर के पास से लौटकर हम दोनों बाइक से मुंगेर वापस जाने लगे.अब वे मुझे टाइट पकड़ कर बैठीं.ब्रेक लगाने पर उनके बूब्स मेरी पीठ से टकराने लगे.मैंने जानबूझ कर कोई टिप्पणी नहीं की ताकि शरीफ बना रहूँ.उस दिन के बाद सरिता चाची दिन में तीन-चार बार फोन करके किसी बहाने मुझे बुलाने लगीं.पहले वे गले में दुपट्टा डालकर आती थीं.अब बिना दुपट्टे के आने लगीं.अब वे ज्यादा खुलकर डबल मीनिंग बातें भी करने लगीं.गुरु को पढ़ाते समय उन्होंने मुझे आवाज देकर अपने बेडरूम में बुलाया और कहा- जरा सा ब्रा का हुक लगाने में मदद करो!मेरा मन तो किया कि सरिता चाची को बिस्तर पर पटक कर चोद दूं.उनकी ब्रा का हुक लगाने के बाद मैं उसके जिस्म को छूते हुए वहां से चला गया.अब सरिता चाची अपना जिस्म खुलकर दिखाने लगीं.बच्चों के कमरे में मेरे सामने नाइटी को घुटनों तक उठाकर दवाई लगाने लगतीं.मेरा लंड भी वे गौर से देखतीं.अब मैं रोज उनकी ब्रा-पैंटी में मुठ मारने लगा.कुछ दिनों में करवा चौथ आने वाला था.सरिता चाची के ब्यूटी पार्लर में ब्रा-पैंटी की बिक्री बढ़ गई.गुरु ने बताया कि पापा 15 दिन के लिए ऑफिस के काम से चेन्नई जा रहे हैं.मेरे दिमाग में ख्याल आया कि करवा चौथ वाले दिन सरिता चाची को चोदा जा सकता है.अब मैं प्लानिंग करने लगा.मैं बच्चों को जॉकी वाला निक्कर पहन कर पढ़ाने आने लगा.मैं चाहता था कि शुरुआत सरिता चाची करें.अब मैं सरिता के ब्यूटी पार्लर में बैठकर उसका हाथ बटाने लगा.निक्कर पहन कर उनके ब्यूटी पार्लर में ब्रा-पैंटी पैक करने लगा.एक शाम, ग्राहकों के जाने के बाद सरिता ने मेन गेट बंद किया और मेरे लिए चाय बनाने चली गईं.चाय पीते-पीते वह मिठ्ठू की पढ़ाई के लिए रोने लगीं.उन्हें दिलासा देते-देते कब किस में बदल गया, पता ही नहीं चला.मैं 20 मिनट तक सरिता चाची को किस करता रहा.वे भी मेरे बाल पकड़ कर जोर दे रही थीं.अचानक से मैंने चाची को छोड़ दिया और सॉरी बोलने लगा.सरिता चाची बोलीं- तुम भी तो मुझसे प्यार करते हो!मैंने कहा- यह गलत है, आप बड़ी हैं!तब वे बोलीं- अगर प्यार नहीं करते तो मेरी पैंटी-ब्रा पर मुठ क्यों मारकर छोड़ देते हो!वे इतना कह कर ब्यूटी पार्लर से उठीं और बच्चे को देखकर, मेन गेट अच्छे से चेक करके वापस आ गईं, फिर साड़ी का पल्लू गिराकर मुझे किस करने लगीं.पता नहीं कैसे, मेरा हाथ चाची के बूब्स को ब्लाउज के ऊपर से दबाने लगा.मैंने चाची का ब्लाउज खोल दिया और उनके बूब्स चूसने लगा.दस मिनट में मैंने उनका पेटीकोट उतार दिया और पैंटी छूने लगा.वे भी मेरी टी-शर्ट और निक्कर उतार कर मेरी पीठ पर नाखून गड़ाने लगीं.मुझे जोर-जोर से ऊपर-नीचे करने लगीं.उस वक्त रात के 9:30 हो गए. मुझे डर लगने लगा कि कहीं मम्मी मुझे लेने न आ जाएं.तभी मम्मी का फोन आ गया.मैंने झूठ बोला कि चाची का मोबाइल हैंग हो गया है, उसे ठीक कर रहा हूं, 15 मिनट में घर आ रहा हूं!जल्दी से टी-शर्ट, निक्कर पहन कर मैं वहां से भागा.घर पहुंचा तो व्हाट्सएप पर सरिता चाची का मैसेज था ‘आई लव यू!’मैं जल्दी से खाना खाकर अपने रूम में आ गया.जैसे कोई लवर अपने आशिक से बात करती है, वैसा ही सरिता का मैसेज था.उसके बाद पूरे दो घंटे तक वीडियो कॉल किया और उसके बाद सो गया.सुबह जगा तो फिर चाची का मैसेज आया हुआ था.मम्मी उठाने आईं और बोलीं- फोन आया था, सरिता चाची के साथ तुम्हें भागलपुर डॉक्टर को दिखाने जाना है!मैं सब समझ गया.मम्मी के जाने के बाद मैंने सरिता चाची को कॉल किया.वे बोली- नाइट स्टे वहीं होटल में करना है, कपड़े रख लेना!आज बाइक से जाते समय वे थोड़ी दूर तक अच्छे से बैठी, फिर फेस छुपाकर मुझसे चिपक कर बैठ गईं.हम दोनों डायरेक्ट होटल गए, रूम बुक किया.रूम में पहुंचते ही शुरू हो गए.आज मैं अपने 7 इंच लंबे लंड को चाची की चूत में डालकर चोदने लगा.वे मेरे झटकों से चिल्ला उठतीं.मैं चाची के मुँह और बूब्स चूस चूस कर उन्हें चोद रहा था.उस दिन मैंने सरिता चाची को छह बार चोदा और रात भर हम दोनों नंगे लिपट कर सोए.अगले दिन एक साथ नहाए.नहाते समय भी चूत चोदी.नाश्ता करके हम दोनों मुंगेर के लिए निकल गए.अब जब भी मन नहीं लगता, मैं सरिता चाची के घर उनके बूब्स का दूध पीने चला जाता हूँ.मुझे बूब्स चूसने में बहुत मजा आने लगा.एक दिन उन्होंने मेरे लंड के पास के सारे बाल साफ कर दिए, मैंने भी चाची की चूत को चिकना कर दिया.करवा चौथ में 3 दिन बाकी थे.सरिता चाची बोलीं- इस बार करवा चौथ तुम्हारे लिए करना है!मैंने कहा- मेरी एक शर्त है, आप उस रात पूरी दुल्हन जैसे तैयार होकर मेरे साथ सुहागरात मनाओगी!सरिता चाची ने हां कहा.इसके बाद तो हाल यह हो गया था कि वे जब किचन में काम कर रही होतीं, तो मैं पीछे से आकर उनके बूब्स दबाने लगता.दिन में भी चाची बच्चों के सो जाने के बाद मुझे फोन करके बुलातीं और मेरा लंड चूसने लगतीं.करवा चौथ वाले दिन चाची मेरे लिए बाजार से 3000 का नया कुर्ता-पजामा और चड्डी लाईं.मैंने पूछा- इसका क्या काम?वे बोली- मैंने यह मेरे आज के पतिदेव को गिफ्ट लिया है!अब बस रात का इंतजार था.मैंने घर में बोल दिया- मुझे आर्मी का फॉर्म भरने दोस्त के घर जाना है.मैं शाम को 6 बजे ही सरिता चाची के घर पहुंच गया.सरिता चाची ने बच्चों को खाना खिलाकर सुला दिया था.मैंने पूछा- अगर बच्चे रात में जाग गए तो?उन्होंने जवाब दिया- वे अब कल सुबह ही उठेंगे.अब वे मेरे सामने सारे कपड़े उतार कर नहाने चली गईं.अन्दर जाकर उन्होंने आवाज दी- आओ, मेरे साथ नहा लो!नहाने के बाद चाची हल्का मेकअप करके पहले पूजा करने लगीं ताकि कोई पड़ोसी कुछ समझ न सके.पूजा के बाद सरिता चाची मुझे अपने हाथ से खाना खिलाने लगीं.मैंने उन्हें देखा, फिर वे दुल्हन की तरह शादी वाला लाल लहंगा-चुन्नी पहनकर, पूरा मेकअप करके एकदम नई दुल्हन की तरह सज गईं.मैंने पहले से एक थैली में मोगरे के फूल लाकर रखे थे.पूरे बेड को मोगरे के फूलों से सुहागरात के बिस्तर की तरह सजा दिया.अब बस बेड पर दुल्हन के आने का इंतज़ार था.मेकअप के बाद सरिता चाची बिल्कुल 20 साल की लग रही थीं.जैसे ही वे बेड पर बैठीं, उन्होंने मुझे बादाम के दूध का ग्लास दिया.एक घूँट मैंने पिया और दूसरा उन्होंने.ग्लास ख़त्म होते ही सरिता चाची ने अपनी जीभ से मेरे होंठ चाटने शुरू कर दिए.मैंने एक-एक करके उनके सारे जेवर उतारने शुरू किए, फिर कपड़े.अब वे पूरी नंगी हो गई थीं.उन्होंने मुझे भी नंगा कर दिया.उनके पूरे बदन पर पिघली हुई चॉकलेट लगाकर मैं चाटने लगा.वे मेरे लंड को लॉलीपॉप की तरह चूस रही थीं.मेरी उंगलियां उनकी चूत में जाकर दाने को छू रही थीं.मैंने उन्हें पहली बार ऐसे सेक्स का मज़ा दिया.फिर हमने चार बार चुदाई का मजा लिया.वे भी पूरे जोश में थीं.सुबह चाची मुझसे पहले उठ गईं और तौलिया लपेटे हुए मेरे लिए बेड-टी लेकर आईं.हमने साथ बैठकर चाय पी, फिर एक बार और चुदाई की.मैंने चाची के पूरे जिस्म को चाटा.इसके बाद हम दोनों साथ नहाने गए, जहां मैंने उन्हें घोड़ी बनाकर चोदा.चुदाई के सरिता चाची नंगी ही किचन में नाश्ता बनाने लगीं.मैंने फिर से पीछे से उनके बूब्स दबाने शुरू कर दिए.उन्हें गोद में बिठा कर हमने साथ नाश्ता किया.नाश्ते के बाद सरिता चाची को ब्रा और पैंटी पहना कर नाइटी पहनाई.मैंने भी कपड़े पहन लिए.सरिता बच्चों को उठाने चली गईं और मैं अपने घर आ गया.अब खाली व्हाट्सएप पर खूब न्यूड वीडियो कॉल होने लगी.दीवाली की रात को भी हम दोनों ने भरपूर चुदाई का मजा लिया.उसके बाद छठ पर्व भी एंजॉय किया.उसके बाद हमने कहीं बाहर हनीमून मनाने का सोचा.सरिता चाची ने राजेश चाचा को अपनी दूर की रिश्तेदार के यहां अकेले जाने के लिए तैयार किया.फाइनल हुआ कि वे मुंगेर से ट्रेन में बैठ जाएंगी और मैं भागलपुर से उसी ट्रेन में चढ़ जाऊंगा.रास्ते भर हम दोनों अनजान बनकर बैठे रहे.हावड़ा स्टेशन पर उतर कर हम बस से दीघा पहुंच गए.उधर हमने होटल पहले से बुक किया हुआ था.चाची कमरे से सिर्फ़ ब्रा-पैंटी पहन कर बीच पर आ गईं.हम दोनों किसी नए कपल की तरह मस्ती करने लगे.दोनों ने ही खूब दारू पी, मैंने उन्हें भी खून शराब पिलाई.फिर कमरे में आकर चॉकलेट पिघला कर मैं चाची के बूब्स और चूत के पास लगाकर चाटने लगा.चाची की कामुक सिसकारियों से पूरा कमरे गूँज उठा.मैंने उन्हें दो बार घोड़ी बनाकर चोदा.हनीमून का खर्चा सरिता चाची ही उठा रही थीं.दीघा में दो दिन रहकर हम मुंगेर वापस आ गए.हनीमून के बाद मैंने चाची के लिए पारदर्शी नाइटी ऑनलाइन मँगवाई.अब मैं रोज़ उनकी चूत चोदने लगा.जिस दिन राजेश चाचा घर पर होते, वे मेरे घर आ जातीं और हम दोनों मेरे कमरे में गपागप चुदाई कर लेते.बीच-बीच में पटना जाकर रही सही कसर भी निकाल लेते.सरिता चाची अब भी रवि चाचा के साथ चुदवाती थीं क्योंकि उन्होंने उनके पति को दस लाख रुपये उधार दिए थे.ब्याज के बदले सरिता चाची उन्हें अपनी चूत देती थीं.हम दोनों अलग-अलग तरीके से चुदाई भी करते थे, जैसे कभी डॉक्टर-मरीज बनकर, तो कभी सेक्स वर्कर की तरह. पुलिस और मुजरिम वाला खेल भी खेला.इसी बीच सरिता चाची ने कहा- मुझे तुम्हारे बच्चे की मां बनना है.मैंने कहा- यह गलत है.एक साल बाद मैंने कहा- मुझे नई चूत दिलवा दो.चाची ने कहा- देखती हूँ.मैंने कहा- बस एक बार रीना की चूत दिलवा दो.चाची ने कहा- उसे पटाए बिना नहीं मिलेगी.मुझे रीना (सरिता चाची की बहन) बहुत पसंद थी.अब चाची ने अपनी सहेली से मेरी सैटिंग करवा दी है.अब सरिता चाची से मेरा सेक्स कम हो गया है, तब भी हफ़्ते में 1-2 बार तो हो ही जाता है.
अब तक के सेक्स समागम में मैंने उनके बूब्स को चूस-चूसकर 34 से 36 इंच के कर दिए हैं.जब चाची ने मुझे अपनी सहेली से मिलवाया था, तो मैंने उसे चोदा जरूर था पर उनकी सहेली चाची के जैसा मज़ा नहीं दे पाई थी.इसी दौरान मेरी सरकारी नौकरी भी लग गई थी और मुझे पहली पोस्टिंग भी मुंगेर में ही मिली.अब मेरे पास पैसा भी था, तो चाची की बहन रीना से मेरी बात बढ़ने लगी.वह भी मुझसे बात करने लगी.धीरे-धीरे हम दोनों काफी नज़दीक आ गए.मेरी मम्मी ने रीना के पापा से मेरी शादी की बात की.शादी फाइनल हो गई.सरिता चाची ने ही हमारी शादी करवाई.अब राजेश चाचा मेरे साढ़ू बन गए हैं.हनीमून पर जाते वक़्त मैंने राजेश चाचा से कहा- चलिए, साथ चलते हैं!वे तैयार हो गए, लेकिन सरिता चाची मना कर रही थीं.उन्हें डर था कि कहीं कुछ गलत न हो जाए.फिर मैंने ही चाची को किस किया और उनके दूध दबाकर उन्हें साथ चलने को मना लिया.उनका टिकट भी मैंने ही करवाया था.हम सबने गोवा में खूब मस्ती की.दूसरी ही रात को मैंने राजेश चाचा को खूब दारू पिलाकर बेहोश कर दिया और उन्हीं के सामने सरिता चाची को नंगी करके चोदा.उन्हें घोड़ी बनाकर खूब चोदा.फिर मैंने राजेश चाचा का कॉल गर्ल के साथ चोदते वक़्त का वीडियो बना लिया था तो वे मुझसे कुछ नहीं कह पाते थे.अब मुझे एक घर में दो चूत चोदने को मिल गई थीं.शादी के बाद सरिता चाची को कभी-कभी चोद लेता था क्योंकि रीना की चुत नई नकोर थी तो उसे चोदने में ज्यादा मजा आता था.उन्हीं दिनों रवि चाचा ने राजेश चाचा पर पैसा वापस करने का दबाव बनाना शुरू किया.चाची ने मुझसे कहा तो मैंने अपनी सरकारी नौकरी की कमाई से राजेश चाचा को 10 लाख रुपए दे दिए, जिससे उन्होंने अपने भाई का कर्ज़ चुका दिया.अब सरिता सेक्सी चाची की सेक्स के रूप में ब्याज मुझे देने लगी थीं.वे अपने घर कम और मेरे घर ज़्यादा आने-जाने लगी थीं.राजेश चाचा फिर से गोवा का प्लान करने लगे.मैंने अगले तीन साल तक सरिता चाची को खूब चोदा.जब जब उन्हें पटना जाना होता, मैं उन्हें अपनी कार से ले जाता.रास्ते में हम लोग होटल में कमरा लेकर जबरदस्त चुदाई करते.मैं चोरी-छुपे चाची को पैसे भी दे देता ताकि उनका जीवन सुधर जाए.फिर मेरा ट्रांसफर पटना हो गया.सरिता चाची बुटीक का सामान खरीदने पटना आतीं, तो दो दिन मेरे घर रुकतीं.उनके साथ ज़्यादा वीडियो कॉल होने लगी थी.जब मैं ऑफिस के काम से बाहर जाता, तो हम लोग वीडियो कॉल पर ज़्यादा सेक्सी मस्ती करते.इधर रीना जब प्रेग्नेंट हो गई तो सरिता चाची को महीने में 10-12 दिन पटना बुलाकर रखने लगा.मेरे दस लाख रुपये उधार देने की वजह से राजेश चाचा सरिता चाची को भेज देते थे.अब मैं रीना को नींद की गोली देकर सरिता चाची के साथ खूब सेक्स करने लगा था.मुझे न जाने क्यों चाची की चूत का भोसड़ा बन चुके छेद में लंड देने में ज्यादा मजा आता था.
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