sali ki chudai ki kahani
हॉट sali ki chudai ki kahani में मेरी साली बहुत सेक्सी थी, मेरे साथ छेड़छाड़ करती थी. एक बार वह मेरे घर रहने आई. मैंने उसे गर्म करके कैसे चोदा?
हाय दोस्तो, नमस्ते! मेरा नाम अजय है. मैं मथुरा का रहने वाला हूँ.
मेरी उम्र 27 साल है और मैं दिखने में हेल्दी हूँ.
मेरी लंबाई 5 फीट 9 इंच है.
यह मेरी पहली सेक्स कहानी है, जो मैं आप सबके सामने लेकर आया हूँ.
इस हॉट sali ki chudai ki kahani में मैंने लिखा है कि जब अपनी साली को चोदने का मौका पाया, तो उसकी कमसिन चुत का भोसड़ा बना दिया.
इधर-उधर की बात न करते हुए, मैं सीधे सेक्स कहानी पर आता हूँ.
सन 2021 की बात है.
मेरी साली का नाम मंजू है. उसकी उम्र लगभग 20 साल है और उसकी लंबाई 5 फीट 2 इंच है.
उसका भरा-पूरा बदन और फिगर 28-26-30 का है. वह दिखने में एकदम गदराया हुआ बदन वाली मालकिन है!
जब मैंने उसे पहली बार देखा, तभी से वह मुझे पसंद आ गई थी.
वह मुझसे मिलने पर बहुत मजाक करती थी, कभी-कभी चुटकी काट देती थी.
मैं उसे बहुत दिनों से चोदना चाहता था लेकिन उम्र में मुझसे छोटी होने और घर वालों के डर से मैं कुछ कह नहीं पाता था.
मैं भी उसके साथ मजाक करता था पर उससे ज्यादा कुछ नहीं कह पाया क्योंकि वह हर बात अपनी मम्मी से शेयर कर देती थी.
एक बार मेरी पत्नी को ब/च्चा होने वाला था.
घर वालों के कहने पर मैं अपनी ससुराल उसे लेने गया.
मंजू मेरे साथ आने की बात सुनकर बहुत खुश थी.
मैं उसे बाइक पर लेकर आ रहा था.
सामान रखा होने के कारण वह दोनों तरफ पैर करके बैठने को राजी हो गई.
आप तो जानते ही हैं, जब कोई जवान लड़की बाइक पर पीछे दोनों तरफ पैर करके बैठती है और उसके रस भरे नर्म दूध बार-बार चालक की पीठ से टच होते हैं, तो किस तरह का मीठा मीठा अहसास होता है!
वही मेरे साथ हुआ.
उसके दूध मेरी पीठ में धक्के देते रहे और मैं उसकी चूचियों की नर्म टक्करों से खुद गर्म होता रहा.
मैं चुपचाप रहा, उसके मजाक करने और पहल करने का इंतज़ार करता रहा.
वह रास्ते में मुझसे कुछ खास नहीं बोली, जिससे मैं उसके साथ आगे बढ़ कर सेक्स की बात कर पाता.
चार-पांच दिन बाद उसने मेरी चारपाई के बराबर में अपनी चारपाई डालकर रात को सोने का इंतजाम किया.
लगभग आधी रात को मैंने मौके का फायदा उठाया.
मैंने उसके हाथ को टच करना शुरू किया.
हाथ से टच करते-करते मैं उसकी छाती तक पहुंच गया.
तभी उसने करवट ले ली.
मैं समझ गया कि वह अभी तैयार नहीं है.
ऐसे ही दो-तीन दिन गुजर गए.
वह मेरे पास चारपाई डालकर ही सोती थी.
अब मुझे अपनी कार्यवाही को आगे बढ़ाना था क्योंकि दिन में वह मुझसे थोड़ा-बहुत हंसी-मजाक कर लेती थी.
रात को मैं उसके हाथ पर अपनी उंगलियों से सहलाते हुए धीरे-धीरे अपनी उंगलियों को उसकी छाती तक ले गया और उधर अपने हाथ से उसके बूब्स को सहलाने लगा.
आज उसने कुछ नहीं कहा और सोने का नाटक करती रही.
मैं धीरे-धीरे उसके बूब्स को सहलाता हुआ दबाने लगा.
मुझे उसके बूब्स बहुत नर्म लग रहे थे, जैसे कोई रूई दबा रहा हो!
मुझे मजा आने लगा.
मैं धीरे-धीरे हाथ उसके पेट तक ले गया.
पेट को सहलाने के बाद मेरा मन उसके पास जाने को करने लगा.
मैं धीरे से उठकर उसकी चारपाई पर चुपचाप लेट गया.
मैंने उसके गाल पर एक किस कर दी.
वह इतने में गुस्सा हो गई और उसने मुझे अपनी चारपाई से भगा दिया!
मैंने उसे समझाया- किसी को कुछ पता नहीं चलेगा! मुझे पता है, तुम भी मुझे बहुत चाहती हो!
लेकिन वह नहीं मानी.
उसने अपनी बहन और मेरी मम्मी से सब बता देने की धमकी दी.
मैं चुपचाप अपनी चारपाई पर आकर लेट गया.
अगले दिन में मैंने मजाक में उसका गाल चूम लिया तो वह हंसकर चली गई.
अब मुझे ग्रीन सिग्नल मिल चुका था कि ये राजी तो है पर कुछ संकोच कर रही है.
मुझे अब रात का इंतज़ार था.
रात होते ही वह मेरे पास चारपाई डालकर लेट गई.
लगभग 12 बजे, जब घरवाले सो गए, मैंने फिर वही कार्य शुरू कर दी.
मैं उसके हाथ को सहलाते हुए उसके बूब्स तक पहुंच गया.
उसने पूर्व की तरह मुझसे कुछ नहीं कहा.
मैं धीरे से उठकर उसकी चारपाई पर जा लेटा.
उसने मच्छरदानी लगाई थी, जिससे कोई हमें देखे, इसका डर नहीं था.
मैं उसके गाल पर किस करने लगा.
वह जगी हुई थी लेकिन सोने का नाटक कर रही थी.
गाल पर किस करते-करते मैंने उसके होंठों से होंठ लगा दिए और उन्हें चूसने लगा.
उसे भी मजा आने लगा.
मुझसे तो पूछो ही मत!
उसके रसभरे, मुलायम, मीठे होंठ चूसकर मजा ही आ गया!
वह बोली- इससे ज्यादा कुछ मत करना! मैंने आज तक किसी के साथ सेक्स नहीं किया है! और ना ही किसी को बताना!
मैंने उसकी बात मानने की हामी भर दी.
मैं धीरे-धीरे मंजू के होंठों और गालों को चूम रहा था.
दोनों हाथों से उसके मक्खन जैसे मुलायम बूब्स को दबा रहा था.
वह गर्म होने लगी.
मैं एक हाथ उसके पेट पर फिराते हुए उसकी बिना झांटों वाली चूत तक ले गया.
उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और गुस्सा होने लगी- मैंने इस सबके लिए मना किया है न!
मैंने उसे समझाया- कुछ नहीं होगा! हम धीरे-धीरे करेंगे!
वह बहुत डरी हुई थी.
वह बोली- मुझे पता है, जब सील टूटती है, तो बहुत दर्द होता है! मैं यह सब नहीं करूँगी!
मेरे बहुत समझाने पर वह एक उंगली से करवाने को राजी हो गई.
मैं उसकी चूत को उंगली से सहलाने लगा.
वह बहुत ज्यादा गर्म हो गई.
मैंने उंगली धीरे-धीरे अन्दर डालने की कोशिश की लेकिन चूत इतनी टाइट थी कि उंगली अन्दर नहीं जा रही थी.
कुछ ही देर में उसकी चूत ने गर्म पानी छोड़ दिया. वह मुझसे चिपककर लेटी रही.
मेरा लंड, जो 5 इंच का है और सख्त होने पर लोहे की रॉड जैसा हो जाता है, बहुत देर से खड़ा था.
वह फटने को तैयार था.
मुझे उसकी चूत चोदने का बहुत मन था.
मैंने उसे मनाकर मेरा लंड उसके हाथ में पकड़ा दिया.
लंड पर हाथ रखते ही उसे जैसे करंट सा लगा.
उसने हाथ हटा लिया और बोली- यह क्या है? लोहे की रॉड जैसा!
मैंने हंसते हुए कहा- यही तो है असली जादूगर! इसी की तो लड़कियों को जरूरत होती है!
वह बोली- मेरी छोटी-सी चूत में यह कैसे घुसेगा? क्या मुझे मारना चाहते हो?
मैंने उसका हाथ दोबारा लंड पर रखकर समझाया- इसे देखते ही चूत पानी छोड़कर चिकनी हो जाती है. रास्ता बन जाता है!
मजाक करते-करते मैंने उसकी सलवार उतार दी, उसकी पैंटी को नीचे खिसकाया.
उसकी बिना बालों वाली चूत एकदम चिकनी थी.
हाथ से महसूस करने पर वह बहुत छोटी लग रही थी.
मैंने उसे अपने ऊपर लिटा लिया और लंड को उसकी चूत पर टच करने लगा.
वह मेरे होंठों, गालों और छाती पर किस करने लगी.
किस करती हुई वह लंड को चूत पर रगड़ रही थी.
वह बोली- रगड़ने के अलावा और कुछ नहीं करने दूँगी! अब तुम मेरे साथ यह सब कभी नहीं करोगे!
मैंने हामी भर दी.
वह मेरे साइड में लेट गई.
मेरा लंड अभी भी तना हुआ था.
मैंने उसे करवट लेने को कहा और एक टांग उठाकर साइड पोजीशन से लंड को चूत पर रगड़ना शुरू किया.
वह बहुत ज्यादा गर्म होने लगी.
लंड को चूत में लेने के लिए उसकी चूत का दबाव बढ़ने लगा.
मैंने कहा- थोड़ा दर्द हो तो सहन कर लेना, बहुत मजा आएगा!
उसने हामी भर दी.
वह बोली- पहले थोड़ा-सा अन्दर घुसाओ!
मैंने करवट में ही उसकी टांग ऊपर उठाई और एक पल इंतजार करके लंड को चूत के मुँह पर उंगली से छेद का अंदाजा लेकर लगाया.
मुझे लग रहा था कि इतनी छोटी चूत में लंड कैसे घुसेगा? अगर यह चिल्लाई, तो घर वाले जाग जाएंगे!
मैंने उसके मुँह पर हाथ रखकर लंड को हल्का-सा अन्दर दबाया.
लंड घुसने का नाम ही नहीं ले रहा था.
काफी कोशिश के बाद लंड का टोपा थोड़ा-सा अन्दर गया.
वह दर्द से परेशान होने लगी और मना करने लगी.
मैंने उसके मुँह को दबाते हुए लंड को और थोड़ा अन्दर दबाया.
आधा लंड उसकी चूत में घुस चुका था.
उसकी चूत से खून निकलने जैसा महसूस होने लगा.
वह मानो बेहोश हो गई और बेचैनी से काँपने लगी.
मैंने उसके कान की लौ को चूमते हुए गले पर किस की और समझाया- अब तो पूरा लंड अन्दर घुस चुका है … अब कोई दिक्कत नहीं होगी!
वह रुआंसी सी बोली- तुमने तो मेरी चूत फाड़ डाली! अब मेरा क्या होगा?
मैं उसे किस करते हुए लंड को हल्का-हल्का अन्दर-बाहर करने लगा.
वह शांत हो गई.
उसे शायद अच्छा लगने लगा था तो वह अपनी चुत की चुदाई करवाने लगी.
तभी मैंने एक और धक्का लगाया, तो पूरा लंड उसकी सील तोड़ते हुए अन्दर तक चला गया.
वह एकदम धनुष की तरह तिरछी हो गई.
वह छूटने की कोशिश करने लगी.
मैंने उसके मुँह को दबाए रखा, नहीं तो सारा मामला बिगड़ जाता.
वह दबी आवाज में मना करने लगी- ऊं ऊं छोड़ो मुझे आह छोड़ दो … वर्ना मैं शोर मचा दूँगी! इसे बाहर निकालो और अपनी चारपाई पर जाओ!
मैं उसकी बात को अनसुना करते हुए धीरे-धीरे लंड को अन्दर-बाहर करता रहा.
लेकिन वह दर्द से परेशान थी और सेक्स करने को राजी नहीं थी.
गुस्से में मैं उठकर जाने लगा और उसके गाल पर एक थप्पड़ लगा दिया.
मैंने बाथरूम में जाकर मुट्ठ मारकर लंड को शांत किया और वापस आकर सो गया.
सुबह वह जगी, तो उसे चलने में थोड़ा अजीब लग रहा था.
वह मुझसे बात नहीं कर रही थी.
मैं समझ गया कि वह अभी नाराज़ है.
मैंने उसका हाल-चाल पूछा, तो वह बोली- मुझसे मत बोलो! मुझसे दूर रहो!
मैंने बहुत कोशिश करके उसे मनाया.
उसने बताया कि उसे अभी भी ऐसा लग रहा है जैसे लंड उसकी चूत में घुसा हुआ हो. उसकी चूत में दर्द और जलन थी.
मैंने उसे बताया कि सरसों का तेल लगाने से सब ठीक हो जाएगा.
दिन में मैं छत पर लेटा हुआ था.
मेरी प्यारी साली दवा पूछने के बहाने छत पर आई.
मैंने उसे पकड़कर बेड पर गिरा लिया और उसके होंठों पर किस करने लगा.
वह भागने में असफल रही और मेरे नीचे लेटी रही.
मैंने पूछा- सरसों का तेल लगाने से कुछ आराम मिला?
उसने कहा- हां, अब कुछ आराम है!
मैंने दोबारा शुरू करने को कहा, तो वह बोली- बिल्कुल पागल हो गए हो क्या? मेरे पीछे क्यों पड़े हो? क्या मार कर ही मानोगे?
मैं उसके बूब्स को सहलाते हुए किस करने लगा और समझाया- रात में अच्छे से नहीं कर पाए, इसलिए चूत का छेद नहीं खुला. इसीलिए दर्द हो रहा है. अब दिन में अच्छे से कर लेंगे, तो दर्द कम हो जाएगा!
मैंने उसे अपनी बातों में लिया और धीरे-धीरे उसके सारे कपड़े उतारकर उसे नंगी कर दिया.
वह अब हॉट वर्जिन सेक्स विद जीजू में खुल चुकी थी. उसने मेरा लंड अपने हाथ से पकड़कर रगड़ना शुरू किया.
वह बोली- यह इतना हरामी है! इसने मेरी जान ही निकाल दी!
मैंने हंसते हुए कहा- इसे जितना प्यार दोगी, यह उतना ही मजा देगा!
मैंने लंड को उसके मुँह पर लगाया.
उसने दो-चार किस किए, लेकिन जैसे ही मैंने लंड को उसके मुँह में घुसाने की कोशिश की, उसने बाहर निकाल दिया.
वह बार-बार थूकने लगी और बोली- मैं सिर्फ़ किस कर सकती हूँ! यह चूत में घुसने की वजह से गंदा हो जाता है. मैं इसे मुँह में नहीं लूँगी!
मैं उसके बूब्स को चूसते हुए उसे गर्म करने लगा.
किस करते हुए मैं उसके पेट से होते हुए उसकी जांघों तक पहुंच गया.
मैंने उसकी चूत को जीभ से चाटना शुरू किया.
वह बोली- यह क्या कर रहे हो, जीजू? इसमें तो बहुत मजा आ रहा है! ऐसे ही करते रहो!
मैं लगा रहा.
वह कहने लगी- रात को तो ऐसा नहीं किया था! मैं तो मना कर रही थी, लेकिन इसमें तो बहुत मजा आ रहा है!
साली आह, इह, उह की आवाज़ें करने लगी.
वह बहुत गर्म हो चुकी थी.
उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया.
मैंने चाटना बंद किया और लंड को उसकी चूत पर रगड़ने लगा.
वह बोली- अब रात की तरह मत करना! आराम से अन्दर घुसाना!
मैंने धीरे-धीरे लंड पर जोर लगाते हुए आधा लंड उसकी चूत में घुसा दिया.
वह जोर से चिल्लाने लगी और हाथों से विरोध करके छूटने की कोशिश करने लगी.
मैंने कहा- तुम अभी भी वही ड्रामा कर रही हो!
वह रोती हुई बोली- बहुत दर्द हो रहा है! इसे बाहर निकालो! मैं समझ गया कि यह अभी भी पूरी तरह तैयार नहीं है.
मैंने सोचा, आज इसे चोदकर कली से फूल बना दूँगा!
मैंने उसके मुँह को अपने मुँह से बंद किया और एक बार में पूरा लंड उसकी चूत में घुसा दिया.
वह जोर से छटपटा कर बेहोश हो गई.
मैं डर गया कि यह क्या हो गया!
मैंने उसके मुँह पर पानी के छींटे मारे.
उसे होश आया और वह जोर-जोर से रोने लगी.
मेरा मन उदास हो गया लेकिन मैं उसकी चूत से लंड बाहर नहीं निकालना चाहता था.
मैं उसके चेहरे, होंठों, कान और गले पर किस करने लगा.
थोड़ी देर बाद वह शांत हो गई.
वह आह, आइ, उई की आवाज़ें करती हुई मजा लेने लगी.
कुछ पल बाद वह बोली- जोर से चोदो!
मैंने पूरे स्पीड में धक्के लगाने शुरू कर दिए.
वह जोर-जोर से चिल्लाकर बोली- आज तो चूत को फाड़ दो … आह बहुत मजा आ रहा है!
सेक्सी आवाज़ें निकालती हुई वह दूसरी बार झड़ गई.
मैंने भी कुछ धक्कों के बाद लंड की पिचकारी उसकी चूत में छोड़ दी.
वह बहुत खुश थी.
अपनी चूत को देखकर वह बोली- देखो, मेरी चूत को तुमने क्या से क्या बना दिया! अब यह लंड लेने के लिए खूब बड़ी हो गई है!
उसके बाद मैंने उसे दिन-रात में खूब चोदा.
सके गांव में भी कई बार चोदा.
वह सेक्स कहानी अगली बार आपके साथ साझा करूँगा.
अब के लिए इतना ही. धन्यवाद!
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